‘सुघ्घर छत्तीसगढ़’ अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर, पात्र हितग्राहियों तक पहुंचेगा 31 योजनाओं का लाभ

जशपुरनगर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की महत्वाकांक्षी पहल ‘सुघ्घर छत्तीसगढ़’

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अभियान को जिले में प्रभावी रूप से लागू करने के लिए प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। कलेक्टर रोहित व्यास ने समय-सीमा की समीक्षा बैठक में सभी विभागों को अभियान का शत-प्रतिशत क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिले का कोई भी पात्र परिवार शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए।

कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित बैठक में कलेक्टर ने कहा कि अभियान को जनआंदोलन के रूप में सफल बनाने के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। उन्होंने लंबित प्रकरणों के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण पर बल देते हुए कहा कि समय पर समस्याओं का समाधान ही सुशासन की पहचान है।

31 योजनाओं का होगा संतृप्तिकरण

कलेक्टर ने बताया कि अभियान के तहत सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य, आवास, कृषि, रोजगार, महिला सशक्तिकरण, खाद्य सुरक्षा, शिक्षा एवं बुनियादी नागरिक सुविधाओं से जुड़ी 31 प्रमुख योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाया जाएगा। इसके लिए ग्राम स्तर पर सर्वे कर पात्र परिवारों की पहचान की जाएगी और उन्हें विभिन्न योजनाओं से जोड़ा जाएगा।

‘नियद नेल्लानार’ मॉडल पर आधारित होगा अभियान

उन्होंने बताया कि यह अभियान बस्तर क्षेत्र में सफल रहे ‘नियद नेल्लानार’ मॉडल की तर्ज पर संचालित किया जाएगा। अभियान के माध्यम से प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत योजना, राशन कार्ड, किसान सम्मान निधि, किसान क्रेडिट कार्ड, महतारी वंदन योजना, श्रम कार्ड, विभिन्न पेंशन योजनाएं, जल जीवन मिशन तथा राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन सहित अनेक योजनाओं का लाभ एकीकृत रूप से उपलब्ध कराया जाएगा।

अभियान को तीन चरणों में लागू किया जाएगा। पहले चरण में सर्वेक्षण एवं डेटा संग्रह, दूसरे चरण में विशेष संतृप्तिकरण शिविरों का आयोजन तथा तीसरे चरण में योजनाओं की निगरानी एवं मूल्यांकन किया जाएगा।

श्रमिक पंजीयन और डिजिटल प्रशासन पर विशेष जोर

बैठक में कलेक्टर ने निर्माण कार्यों में लगे श्रमिकों का शत-प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि श्रम विभाग विशेष शिविर आयोजित कर सभी पात्र श्रमिकों का पंजीयन करे, ताकि उन्हें शासन की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिल सके।

इसके साथ ही सभी शासकीय कार्यालयों में आईजीओटी, ई-एचआरएमएस और ई-ऑफिस प्रणाली का शत-प्रतिशत संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने कहा कि डिजिटल प्रशासन से पारदर्शिता, जवाबदेही और कार्यों की गति में उल्लेखनीय सुधार होगा।

पीवीटीजी सर्वे और विभिन्न पोर्टलों की समीक्षा

बैठक में विशेष पिछड़ी जनजातियों (पीवीटीजी) के सर्वेक्षण, सेवा सेतु, ज्ञान भारतम् तथा प्रगति पोर्टल की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने तथा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए सभी विभागों को गंभीरता एवं प्रतिबद्धता के साथ कार्य करना होगा।

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